#Result_Of_RealWorship ‘भक्त दीपक दास के परिवार की आत्म कथा‘‘ ।। बन्दी छोड़ सतगुरू रामपाल जी महाराज जी की दया ।। मुझ दास का नाम दीपक दास पुत्रा श्री बलजीत सिंह, गांव महलाना जिला सोनीपत है। हम तीन पीढि़यों से राधास्वामी पंथ डेरा बाबा जैमल सिंह से नाम उपदेशी थे। सबसे पहले मेरी दादी जी की माता जी यानि मेरे पिता जी की नानी जी ने राधास्वामी पंथ से नाम उपदेश ले रखा था। उसके बाद मेरे दादा-दादी जी और फिर मेरे माता-पिता जी ने भी राधास्वामी पंथ के संत गुरविन्द्र सिंह जी से नाम लिया हुआ था। हम भी गुरविन्द्र जी महाराज को पूर्ण पुरूष मानते थे तथा इस पंथ में पूर्ण श्रद्धा यह सोच कर रखते थे कि यह संसार में प्रभु प्राप्ति का श्रेष्ट पंथ है और उनके विशाल डेरे और विशाल संगत समूह को देखकर विशेष आकर्षित थे और सेवा करने के लिए डेरा बाबा जैमल सिंह व्यास (पंजाब) में तथा छत्तरपुर पूसा रोड़ दिल्ली भी जाते रहते थे। लेकिन इस पंथ में उम्र विशेष में नाम दिया जाता है इसलिए अभी मैं इस पात्राता के लिए अयोग्य था। मेरे माता-पिता जिस दिन छत्तरपुर ...
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