आओ सुनो एक कहानी, अभी बनी है, नहीं पुरानी, कौन है सतगुरु हम पर बीती, हमने जानी 1. सच्चा सतगुरू आया सच्चखण्ड से सच्चा ज्ञान बताने.., सत भगती देकर के हमको, सचखंड ले जाने 2. जब खुला पिटारा सत ज्ञान का, लोग लगे दांतो तले ऊँगली दबाने, ऐसा ज्ञान कभी नहीं जाना, सबको लगे बताने. 3.तीनो देव की होवे मृत्यु, शास्त्रों से लगे दिखाने.., परमात्मा साकार है, कबीर नाम है, सबको लगे समझाने 4.सत ज्ञान समझ, जुड़ने लगे भगत, आ गए कबीर घराने.., अब ढोंगी डूबत देख अपनी नैया,लगे हाथ पावन चलाने 5. कह सतगुरु को झूठा झूठा, खुद झूठ बोले सीना ताने.., उनमे से है नकली आर्य समाजी, जो न भेद गुरु का जाने 6. अब्डम सब्डम ज्ञान दयानन्द का उसको लगे सर पे बिठाने.., जब खोली पोल नकलियों की तो लगे बोखलाने 7. करौंथा कांड करके माने, नशेड़ी दयानन्द के दीवाने.., सतगुरु को जेल डाल कर, लगे उदमस्ताने 8. सोचा खेल हो गया ख़तम, लगे फिर से अपनी दूकान चलाने.., सतगुरु नहीं वो खुद भगवन आये हैं इन्हें भूल पड़ी अनजाने 9. रुक कर सत्य फिर हुआ उजागर, लगा सूर्य की तरह किरणे फैलाने.., धीरे धीरे बढ़ती संगत, सतगुरु चरन चित लगाने 10. सच...