Skip to main content

Posts

Showing posts from November, 2018

कैसे मिले भगवान 📢

          सावधान :- राधास्वामी पंथ में पाँच नाम देते हैं। ज्योति निरंजन, ओंकार, रंरंकार, सोहं और सतनाम, इसी पंथ की शाखा धन-धन सतगुरू-सच्चा सौदा सिरसा वाले अब तीन नाम 1. सतपुरूष 2. अकाल मूर्ति 3. शब्द स्वरूपी राम तथा जगमालवाली वाले ‘‘धन-धन सतगुरू तेरा ही आसरा’’ एक नाम देते हैं, पहले पांच नाम ही दान किए जाते थे। दिनोंद (जिला भिवानी) हरियाणा में श्री ताराचन्द जी वाला पंथ एक ‘‘राधा स्वामी’’ नाम देता है इसी को सारनाम बताता है श्री आसाराम जी (अहमदाबाद वाला) सोहं मन्त्रा को दो भागों में स्मरण करने को कहता है तथा कई अन्य मन्त्रा भी देता है। जिन में से रूची अनुसार साधक को स्वयं चुनना होता है। 1. गायत्रा मन्त्रा (ओम् भूर्भुवः ------) 2. ओम् नमः शिवाय 3. ओम् नमः भगवते वासुदेवाय 4.------ श्री सुधांशु जी (बकरवाला दिल्ली वाले) हरि ओम्-तत्-सत् का जाप मन्त्रा देता है। श्री शिव भगवान को अजन्मा-अजर-अमर अर्थात् मृत्युंज्य तथा सर्वेश्वर आदि बताते हैं। जब कि श्री देवी महापुराण तथा शिव महापुराण में श्री शिव का जन्म मृत्यु लिखा है। ‘‘निरंकारी ‘‘ पंथ वाले एक नाम’’ त...

शिव लिंग की पूजा कैसे प्रारम्भ हुई?

            सावधान                           शिव महापुराण {जिसके प्रकाशक हैं ‘‘खेमराज श्री कृष्णदास प्रकाशन मुंबई (बम्बई), हिन्दी टीकाकार (अनुवादक) हैं विद्यावारिधि पंडित ज्वाला प्रसाद जी मिश्र} भाग-1 में विद्यवेश्वर संहिता अध्याय 5 पृष्ठ 11 पर नंदीकेश्वर यानि शिव के वाहन ने बताया कि शिव लिंग की पूजा कैसे प्रारम्भ हुई?  विद्यवेश्वर संहिता अध्याय 5 श्लोक 27.30 :- पूर्व काल में जो पहला कल्प जो लोक में विख्यात है। उस समय महात्मा ब्रह्मा और विष्णु का परस्पर युद्ध हुआ।(27) उनके मान को दूर करने को उनके बीच में उन निष्कल परमात्मा ने स्तम्भरूप अपना स्वरूप दिखाया।(28) तब जगत के हित की इच्छा से निर्गुण शिव ने उस तेजोमय स्तंभ से अपने लिंग आकार का स्वरूप दिखाया।(29) उसी दिन से लोक में वह निष्कल शिव जी का लिंग विख्यात हुआ।(30) 😳 विद्यवेश्वर संहिता पृष्ठ 18 अध्याय 9 श्लोक 40.43 :- इससे मैं अज्ञात स्वरूप हूँ। पीछे तुम्हें दर्शन के निमित साक्षात् ईश्वर तत्क्षणही मैं सगु...

।। गीता ज्ञान दाता स्वयं को 👹 काल बताता है।। अध्याय 11 के श्लोक 32.46

। अध्याय 11 के श्लोक 32.46 का सारांश :- अध्याय 11 के श्लोक 32 में काल भगवान कह रहा है कि मैं लोकों का नाश करने वाला बढ़ा हुआ काल हूँ। इस समय लोकों को नष्ट करने के लिए आया (प्रकट हुआ) हूँ। जो प्रतिपक्षियों की सेना में स्थित योद्धा लोग हैं वे सब तेरे बिना भी नहीं रहेंगे अर्थात् मैं खा जाऊँगा।  अध्याय 11 के श्लोक 33ए34 में कहा है कि अतःएव तू उठ, यश प्राप्त कर, शत्राओं को जीत कर धन-धान्य से सम्पन्न राज्य को भोग। ये सब पहले ही मेरे द्वारा मारे हुए हैं। अर्जुन (सव्यसाचिन - बाँए हाथ से भी बाण चलाने का अभ्यास होने से ‘‘सव्यसाची‘‘ नाम अर्जुन का पड़ा) तू केवल निमित्त मात्रा बन जा। तू वैरियों को जीतेगा। युद्ध कर।  अध्याय 11 के श्लोक 35 में संजय ने कहा कांपता हुआ अर्जुन भयभीत हो कर प्रणाम करता हुआ भगवान कृष्ण (क्योंकि अर्जुन मान रहा था यह कृष्ण है परंतु वह तो काल था) के प्रति गद्-गद् वाणी बोला  अध्याय 11 श्लोक 36 में - हे अन्तर्यामी! भयभीत राक्षस दिशाओं में भाग रहे हैं। सिद्धगणों का समूह नमस्कार कर रहा है।  अध्याय 11 के श्लोक 37,38 में अर्जुन कह रहा है कि हे ब्रह्मा ...

चलो फिर अयोध्या चलते हैं।

चलो फिर अयोध्या चलते हैं। अरे रुको 1992 में भी तो गए थे, तब क्या हुआ था ? तब आडवाणी और भाजपा के नेता आये थे जिन्होंने भाषण दिया और हमें बताया कि धर्म की पुकार है जान की चिंता न करो और मस्जिद तोड़ दो। भाषण देकर वो वापस दिल्ली चले गए और दंगों में लगभग 2000 लोग मारे गए जिनमें हिन्दू मुस्लिम दोनों धर्म के लोग थे। पुलिस ने दंगा रोकने की कोशिश की, भीड़ को भागने के लिए दूर से हवाई फायर किये तो शातिर लोगों ने 2 कोठरी बंधुओं को अंदर ही मार डाला और इल्जाम पुलिस और उस टाइम की सपा सरकार पे लगा दिया। जिन छुटभैया नेताओं को बड़े नेता कमान देकर दिल्ली निकल गए थे उन्हें पुलिस ने पकड़ के जेल भेज दिया। *जेल में किसी ने उनकी सुध नहीं ली, कोई नेता मिलने या जमानत कराने नहीं आया। जब वो जेल से बाहर आये तो पढ़ने-लिखने, नौकरी में आवेदन करने, या कोई एग्जाम देने, शादी करने की उम्र निकल चुकी थी।* 1992 के कितने युवा नेताओं का नाम याद है आप को ? एक भी नहीं ना? एक्जैक्टली !! यही बताने की कोशिश कर रहा हूँ की वो सब मेहनत मजदूरी करके अपना पेट पाल रहे हैं। मथुरा के सुरेश बघेल भी उकसाये/भरमाये 23 साल के नौजवान थे। मस...

#TheBlackDay_18NOV नवंबर 2014 को बीजेपी सरकार ने दिखाई अपनी तानाशाही 😢

. #TheBlackDay_18NOV अंग्रेज़ो के समय से ही भारत मे निर्दोष और न्याय की मांग करने वालों पर अत्याचार होते हैं। लेकिन आज आज़ादी के बाद भी हम काले अंग्रेज़ों के गुलाम हैं। https://www.jagatgururampalji.org/  SpiritualSaintRampalJi 18 November 2014 के  दिन BJP सरकार ने जलियावाला बाग हत्याकांड से भी भयानक बरवाला कांड करवाया यही वो दिन है जिस दिन BJP सरकार द्वारा संविधान की धज्जियां उड़ाई गयी। बरवाला कांड इसलिए करवाया गया क्योंकि संत रामपाल जी महाराज ने इस देश की भ्रष्ट न्याय व्यवस्था और भ्रष्ट नेताओं का सच सामने लाने की कोशिश की थी। 4 सालों से हमने DC से लेकर राष्ट्रपति और यहां तक कि मानव अधिकार आयोग तक भी अपने प्रार्थना पत्र भेजे की हमारे केसों की CBI जांच हो BJP खट्टर सरकार ने संविधान के उसी  Police act का इस्तेमाल किया जिससे अंग्रेज़ हम पर राज किया करते थे। जिसके बलबूते पर पुलिस ने 2014 में सतलोक आश्रम पर CBI जांच की मांग करते हुए अनुयायियों पर हमला बोल दिया और नरसंहार करवा दिया। . 🎠   bloge को पुरा पढे 

What is Shradh | श्राद्ध क्या है

Is doing Shradh (Worship of ancestors) the right way of worship? What does Srimad Bhagavad Gita say about performing shradh? Saint Rampal ji has given a very thorough analysis of scriptures of Hinduism especially Srimad Bhagavad Gita, Markandeya Puran and Vishnu Puran to answer the above question. Srimad Bhagavad Gita Adhyay 9, verse 25 यान्ति, देवव्रताः, देवान्, पिपर्Úिंन्, यान्ति, पितृव्रताः। भूतानि,यान्ति,भूतेज्याः,यान्ति, मद्याजिनः,अपि,माम्।।25।। Worshippers of gods go to gods, worshippers of pitras got to pitras, worshippers of ghosts go to ghosts; likewise, my devotees, who worship in accordance with the scriptures (mataanusaar), also attain me. Adhyay 16, verse 23-24 यः, शास्त्राविधिम्, उत्सृज्य, वर्तते, कामकारतः, न, सः, सिद्धिम्, अवाप्नोति, न, सुखम्, न, पराम्, गतिम्।।23।। तस्मात्, शास्त्राम्, प्रमाणम्, ते, कार्याकार्यव्यवस्थितौ, ज्ञात्वा, शास्त्राविधानोक्तम्, कर्म, कर्तुम्, इह, अर्हसि।।24।। He who, abandoning the ordinances of the scriptures, acts whimsica...

आम आदमी की जिन्दगी कहॉ से सुरु हुई कहाँ खत्म हो गई

एक आम आदमी सुबह जागने के बाद सबसे पहले टॉयलेट जाता है, बाहर आ कर साबुन से हाथ धोता है, दाँत ब्रश करता है, नहाता है, कपड़े पहनकर तैयार होता है, अखबार पढता है नाश्ता करता है, घर से काम...