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भारत माँ के बेटे

भारत मांं के दो बेवकुफ बेटे

कट्टरपंथी हिन्दु मुस्लिम आपस मे लडते लडते भारत माता का सीना घायल करते रहते है। ये दोनो अपनी लडाई मे भारतमाता की चिन्ता भी नही करते इनकी इसी लडाई ने 70 साल पहले भारत माता का बंटवारा कर दिया था चीर दिया था भारत माता का सीना और पाकिस्तान बग्लादेश बना दिया था कोई हिन्दु और मुस्लिम भारतीयता से बडा नही हो सकता लेकिन ये धर्मान्धता मे देश को भूला देते है देश किसी हिन्दु या मुस्लिम का नही होता देश प्रत्येक देशवासी का होता है पर ये नेताओं और मौलवी पंडो के बहकाये लोग किसी की नही सुनते और भारतमाता का चीर लहुलुहान करते रहते है।

भारतीय हिन्दु मुस्लिमों को गाली देते बदले मे मुस्लिम हिन्दुओ को गाली देते है बस यही सिलसिला राजनीति के कारण चलता आ रहा है दोनो एक.दुसरे को गाली देकर और कमी निकाल कर बहुत खुश होते है इन दोनो ही धर्मो मे ऐसे मुर्खो की भरमार है इन मुर्खो के पैमाने भी यही है असली हिन्दु वही है जो मुस्लिम को गाली दे ये एक दुसरे पर कीचड उछालते हुये ये भूल जाते है कि दोनो एक भारत मां के सपूत है दोनो की इस लड़ाई ने बहुत कुछ खो दिया अब तो मान जाओ लेकिन इन्हे भारतीयता की कोई चिन्ता नही है इन्हे तो लडते ही रहना है।

ये दोनो कट्टटरपंथी ऐसे है जैसे एक मां के दो बेटे हो और दोनो ही शराबी हो और आपस मे लडते रहते हो ये कट्टरपंथी हिन्दु मुस्लिम भी भारत माता के दो शराबी बेटे है जो स्वयं लडते है भारत माता का शरीर और दिल को घायल करते रहते है। इनकी लडाई का असली कारण राजनीति है जो वोटो के चक्कर मे आग मे घी डालती रहती है। राजनीति को इससे हमेशा फायदा होता है देश की मूल समस्याये गौण हो जाती है वोटो का धुर्वीकरण हो जाता है इसी तकनीक से काग्रेस राज करती आयी अब भाजपा भी बेवकूफ बनाना सीख गयी है।

भारतीयता का वजूद हिन्दु मुस्लिम की कट्टरता के समक्ष कमजोर करने की हमेशां साजिश होती रहती है और मेरे भारतीय भाई बहनो की लाशे बिछती रहती है धर्म का मार्ग सुख और शान्ति का होता है लेकिन यहां तो धर्म के नाम पर कत्लेआम होता है।
 भगवान रामपाल जी की संगत मे जात धर्म के नाम पर कोई बंटवारा नही है इसका प्रचार प्रसार बढ रहा जिससे भारत माता अनुपम शीतलता का एहसास करती है। इसी प्रचार प्रसार को बढाना हमारा ध्येय ताकि इन मुर्ख कट्टरपंथियों पर काबू पा कर देश की मूल समस्याओं का निवारण किया जा सके।
जय भारत जय कबीर

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