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#धिक्कार भारतीय पाठ्यक्रम की पुस्तकों मे लिखा है कबीर का जन्म विधवा ब्राह्मणी से हुआ

#धिक्कार भारतीय पाठ्यक्रम की पुस्तकों मे लिखा है
 कबीर का जन्म विधवा ब्राह्मणी से हुआ

वेद जिस कबीर के प्रकट होने का बखान करते हो कुरानेपाक और बाईबल जिसकी हकुमत को स्वीकार करती हो तमाम सन्त उसकी समर्थता का गुणगान करते हो कि वो कबीर स्वयं चल कर आता है सशरीर प्रकट होता है।

उसी कबीर परमात्मा के बारे में ब्राह्मणवादी दुष्प्रभाव से त्रस्त मानसिकता के लोग पाठ्यक्रम की पुस्तकों मे कबीर को एक विधवा ब्राह्मणी की अवैध सन्तान घोषित कर महाअपमानित करने की धृष्टता करते है और तमाम कबीरपन्थी विद्वान इस अपमान को पिछले सैकड़ो साल से घोल कर पीते चले आ रहे है। इससे बड़ी अज्ञानता इस भुमि पर क्या होगी जिसे अध्यात्मिकता की धरती कहा जाता है।

यदि साधारणतया भी किसी आम इन्सान को जातिसूचक  अपशब्द कहे जाये तो भारतीय दण्ड विधान के तहत कठोर सजा का प्रावधान है और आज से 125 वर्ष पुर्व एक ब्राह्मणवादी अज्ञानी दयानंद ने कबीर परमात्मा को जातिसुचक अपशब्द कहे उस घटिया पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश को विशेष ग्रन्थ मानना ही परमात्मा के प्रति जानबूझकर द्रोही होना है। घिन्न आती है इस धरती से जिस पर रहने वाले लोग असभ्यता और अज्ञानता की तमाम सीमाएं लांघ चुके है।😢😢😢

भगवान रामपाल जी महाराज की जय हो जय हो जय हो

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