नकली ढोंगी गुरु इस ppपवित्र ज्ञान को फिर से उलझाना चाहते है जो अब असंभव है🙏🙏🙏
आदि नाम है अक्षर माहीP
बिन गुरु नरक छूटै नाही
आदिनाम मै भाख सुनायो
यह नाम जपै से मुक्ति पायो
है अनाम अक्षर के माही।
निह अक्षर कोई जानत नाही।
सब संसार कबीर जी को सन्त की पदवी देकर निढाल होकर बैठा था कोई भी कबीर जी को परमात्मा नही कहता था। लेकिन आजकल कबीर जी को परमात्मा कहने वालो की संख्या मे दिन प्रतिदिन बढोतरी होती जा रही है आज सभी नकली कबीरपंथी कबीर जी को परमात्मा कहना शुरु कर चुके है। इसका ज्ञान भगवान रामपाल जी महाराज ने ही दिया है। परन्तु कुछ वाणीचोर अब भगवान रामपाल जी महाराज का ज्ञान चोरी करके अपना ठप्पा लगाकर बेचने की नाकाम कोशिश कर रहे है ये धन्धेबाज लोग है जो शातिराना तरीके से परमात्मा के अदभुत ज्ञान को दोबारा से उलझाने की फिराक मे है जो अब अंसभव है।
इसी उलझाने की प्रक्रिया मे मदन साहिब की कुछ वाणियो को पेश किया जा रहा है मदन साहिब की वाणी पेश करने वाले स्वयं आत्मा और परमात्मा के संशय मे है इसलिए गुप्त रुप से ठगने का प्रयासरत है। वो साबित करना चाहते है कि परमात्मा का आदि नाम इन अक्षरो से बाहर है वही जम्मू रांजडी वाले की तर्ज पर कहना चाहते है कि कहा ना जाये सुना ना जाये।
अरे भलेमानुस यदि कह भी नही सकते और सुन भी नही सकते तो उसे गुरु द्वारा दिया या शिष्य द्वारा लिया कैसे जायेगा।
लेकिन इस देने या लेने से उन्हे कोई मतलब नही उन्हे तो बस भक्तो के विश्वास को हिलाना है जो इस युग मे तो नामुमकिन है।
परमात्मा फरमाते है कि
आदिनाम मै भाख सुनायो
यह नाम जपै से मुक्ति पायो
यानि साहिब जी ने बोल कर आदिनाम फरमाया है
बोलने के लिये इन्ही अक्षरो का प्रयोग ही साहिब जी करते है इसीको ही आगे साहिब जी फरमाते है कि
आदि नाम है अक्षर माही
बिन गुरु नरक छूटै नाही।
आदि नाम अक्षरो मे ही है लेकिन ये मुर्ख नादान लोग मदन साहिब की वाणी के अनर्थ करते करते अपने कर्म फोड़ रहे है।
साहिब बार बार समझा रहे है
है अनाम अक्षर के माही।
निह अक्षर कोई जानत नाही।
कि वह नाम अक्षर के माही है लेकिन निहअक्षर का अर्थ कोई नही जानता निहअक्षर का तात्पर्य अक्षरो से बाहर नही वेद ग्रन्थ और गीता आदि से जो बाहर है उसे निहअक्षर कहा जाता है।
अतः आप सब परमज्ञानी परमात्मा के बच्चों से हमे सहयोग की आवश्यकता है कि ऐसे नादानो का विरोध ज्ञान रुपी हथियार से करिये और परम ज्ञानी सतगुरु रामपाल जी महाराज जी पर पुर्णरुपेण आश्रित रहिये।
ये सौदा फिर नाही सन्तो यह सौदा फिर नाही।
🙏🙏🙏🙏
https://www.jagatgururampalji.org/
भगवान रामपाल जी महाराज जी के लगातार दिशानिर्देशन के लिये कोटि कोटि चरण वन्दना दया रखना दाता दया रखना।
आदि नाम है अक्षर माहीP
बिन गुरु नरक छूटै नाही
आदिनाम मै भाख सुनायो
यह नाम जपै से मुक्ति पायो
है अनाम अक्षर के माही।
निह अक्षर कोई जानत नाही।
सब संसार कबीर जी को सन्त की पदवी देकर निढाल होकर बैठा था कोई भी कबीर जी को परमात्मा नही कहता था। लेकिन आजकल कबीर जी को परमात्मा कहने वालो की संख्या मे दिन प्रतिदिन बढोतरी होती जा रही है आज सभी नकली कबीरपंथी कबीर जी को परमात्मा कहना शुरु कर चुके है। इसका ज्ञान भगवान रामपाल जी महाराज ने ही दिया है। परन्तु कुछ वाणीचोर अब भगवान रामपाल जी महाराज का ज्ञान चोरी करके अपना ठप्पा लगाकर बेचने की नाकाम कोशिश कर रहे है ये धन्धेबाज लोग है जो शातिराना तरीके से परमात्मा के अदभुत ज्ञान को दोबारा से उलझाने की फिराक मे है जो अब अंसभव है।
इसी उलझाने की प्रक्रिया मे मदन साहिब की कुछ वाणियो को पेश किया जा रहा है मदन साहिब की वाणी पेश करने वाले स्वयं आत्मा और परमात्मा के संशय मे है इसलिए गुप्त रुप से ठगने का प्रयासरत है। वो साबित करना चाहते है कि परमात्मा का आदि नाम इन अक्षरो से बाहर है वही जम्मू रांजडी वाले की तर्ज पर कहना चाहते है कि कहा ना जाये सुना ना जाये।
अरे भलेमानुस यदि कह भी नही सकते और सुन भी नही सकते तो उसे गुरु द्वारा दिया या शिष्य द्वारा लिया कैसे जायेगा।
लेकिन इस देने या लेने से उन्हे कोई मतलब नही उन्हे तो बस भक्तो के विश्वास को हिलाना है जो इस युग मे तो नामुमकिन है।
परमात्मा फरमाते है कि
आदिनाम मै भाख सुनायो
यह नाम जपै से मुक्ति पायो
यानि साहिब जी ने बोल कर आदिनाम फरमाया है
बोलने के लिये इन्ही अक्षरो का प्रयोग ही साहिब जी करते है इसीको ही आगे साहिब जी फरमाते है कि
आदि नाम है अक्षर माही
बिन गुरु नरक छूटै नाही।
आदि नाम अक्षरो मे ही है लेकिन ये मुर्ख नादान लोग मदन साहिब की वाणी के अनर्थ करते करते अपने कर्म फोड़ रहे है।
साहिब बार बार समझा रहे है
है अनाम अक्षर के माही।
निह अक्षर कोई जानत नाही।
कि वह नाम अक्षर के माही है लेकिन निहअक्षर का अर्थ कोई नही जानता निहअक्षर का तात्पर्य अक्षरो से बाहर नही वेद ग्रन्थ और गीता आदि से जो बाहर है उसे निहअक्षर कहा जाता है।
अतः आप सब परमज्ञानी परमात्मा के बच्चों से हमे सहयोग की आवश्यकता है कि ऐसे नादानो का विरोध ज्ञान रुपी हथियार से करिये और परम ज्ञानी सतगुरु रामपाल जी महाराज जी पर पुर्णरुपेण आश्रित रहिये।
ये सौदा फिर नाही सन्तो यह सौदा फिर नाही।
🙏🙏🙏🙏
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भगवान रामपाल जी महाराज जी के लगातार दिशानिर्देशन के लिये कोटि कोटि चरण वन्दना दया रखना दाता दया रखना।

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